BJP ने जारी किए कोयला आबंटन और पेड़ों की कटाई के भूपेश बघेल सरकार के कई दस्तावेज

मंत्री  कश्यप ने कहा कि शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं।

रायपुर। वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने BJP कार्यालय एकात्म परिसर में आहूत संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल के झूठ का पर्दापाश हो गया है।

भाजपा ने पत्रकार वार्ता में तथ्यों एवं दस्तावेज प्रेजेंटेशन के माध्यम से कांग्रेस के झूठ को एक बार फिर बेनकाब किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही है।

आप सबको पता होगा कि अपने शासनकाल के पाँच वर्ष में भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था। 

मंत्री  कश्यप ने कहा कि शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं।

सभी जेल जा रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि बेवजह जिस तरह अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को कहीं और मोड़ा जा रहा है, वह दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है। 

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जब भी आप सभी कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेलजी बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेशजी अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे? 

GST महिला निरीक्षक को उद्योगपति ने धमकाया..कहा...तेरी हिम्मत कैसे हुई..उठाकर फेकवा दूंगा...अभी करता हूं विष्णुदेव और ओपी को फोन...सुनें आडियो

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि यह तथ्य है कि न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया था, बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की थी। उन्होंने कहा कि साल 2010 में केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था। उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था। 

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि 23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेलजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि महाजेंको कोल फील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर तब अनेक अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे। 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था। 

नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत 84 प्रतिशत ग्रामीणों का बना आयुष्मान कार्ड

भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि:-

– क्या वह मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफ़ी मांगेंगे?

– क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं यह कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें।

– क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है?

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बी डी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र लिखे कोल ब्लॉक आंबटन के लिए। जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री एवं नान अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम अध्यक्ष सौरभ सिंह, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, आलोक सिंह, सोशल मीडिया संयोजक सोमेश पांडेय मौजूद रहे।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *